फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा का सफर हुआ आसान, अब 30 मिनट में पहुंचेगा यात्री, 11 साल बाद समाधान
ग्रेटर नोएडा को फरीदाबाद के मंझावली पुल से जोड़ने वाले प्रोजेक्ट की राह में आ रही दिक्कत अब दूर हो गई है. वर्ष 2014 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी मंझावली पुल परियोजना में सरकार ने 25.62 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है. ऐसे में जिला प्रशासन ने किसानों से जमीन लेने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया है. जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने भूमि खरीद की प्रक्रिया को अगले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. शिलान्यास के 11 साल बाद जमीन लेने को लेकर नोटिफिकेशन हुआ है.
फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात को सुगम बनाने के लिए इस पुल का निर्माण किया गया है. फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है. ऐसे में इस पुल के बनने से यह समय घटाकर 20 से 25 मिनट रह जाएगा. मंझावली पुल के माध्यम से दोनों शहरों के बीच लोगों को आवागमन में सुविधा होगी. यह पुल यमुना नदी पर 630 मीटर लंबा चार-लेन का पुल है.
11 साल से चल रहा था विवाद
महत्वाकांक्षी मंझावली पुल परियोजना का हरियाणा की तरफ से काम पूरा हो चुका है. यमुना नदी पार कर करीब एक किलोमीटर की सड़क ग्रेटर नोएडा की तरफ भी बन गई है. जानकारी के मुताबिक 2014 में शुरू हुई इस परियोजना का काम पिछले 11 साल से जमीन को लेकर शुरू हुए विवाद की वजह से अटका था. प्रशासन को पुल तक सड़क का निर्माण करने के लिए 6.5 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करना था लेकिन किसानों के साथ जमीन को लेकर सहमति न बन पाई, इस वजह से ये इसका काम अटक गया.
जिला प्रशासन ने जारी किया नोटिस
जनवरी 2025 में प्रशासन और किसानों के बीच इसे लेकर सहमति बन गई थी, जिसके बाद 12 मार्च को जिला प्रशासन ने इसका नोटिस कर दिया. 40 किसानों की सूची सार्वजनिक रूप से जारी कर इन्हें आपत्ति के लिए 22 मार्च तक का समय दिया गया है. ऐसे में 22 मार्च के बाद तो जमीन लेने की प्रक्रिया किसानों के साथ तुरंत शुरू हो जाएगी.

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