रीवा।  रीवा शहर में पिछले करीब 80 वर्षों से रह रहे 52 परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन द्वारा 10 दिनों से कम समय में भूमि खाली करने का नोटिस जारी किए जाने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से यहां निवास कर रहे हैं. उन्होंने अपने मकान बनाए, बिजली-पानी के कनेक्शन लिए और नियमित रूप से टैक्‍स का भुगतान भी किया है. कई बुज़ुर्गों की आंखों में अपने आशियाने के छिन जाने का डर साफ झलक रहा है. उनका कहना है कि अब उनके पास कुछ नहीं बचा, केवल यही घर उनका सहारा है, जिसे खोने के डर से आंखों में आंसू हैं। 

चुनाव के दौरान भूमि पट्टा देने का दिया था आश्वासन

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनाव के दौरान और उसके बाद उन्हें भूमि का पट्टा दिलाने का आश्वासन दिया गया था. उनका कहना है कि नेताओं ने पट्टा दिलाने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. अचानक मिले नोटिस से परिवारों में भय और असमंजस की स्थिति बन गई है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बिना पुनर्वास के उन्हें हटाया गया तो वे आंदोलन करेंगे. उनका कहना है कि विस्थापन से पहले पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। 

बुढ़ापे में बेघर होने का बना है डर

कई पीढ़ियों से यहां रह रहे परिवारों में अनेक सदस्य अब वृद्ध हो चुके हैं. बूढ़ी आंखों में यह डर समाया हुआ है कि कहीं बुढ़ापे में बेघर न होना पड़े. विस्तार न्यूज़ ने जब एक बुज़ुर्ग महिला से बातचीत की तो उन्होंने कहा, “अब हम कहां जाएंगे. बेटा भी नहीं है. एक सहारा यह घर ही था. अगर यह भी छिन गया तो हम कहां जाएंगे. इससे अच्छा तो हमें मृत्यु दे दी जाए.” उनकी बातों में असहायता और पीड़ा साफ झलक रही थी। 

नजदीक के स्‍कूलों में बच्‍चों की परीक्षाएं नजदीक

एक अन्य परिवार के बुज़ुर्ग ने बताया कि उनके सभी बच्चों की पढ़ाई पास के ही स्कूल में चल रही है और परीक्षाएं नजदीक हैं. नोटिस मिलने के बाद पूरे कॉलोनी में मातम जैसा माहौल है. बच्चों की पढ़ाई का नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही डर के कारण वे स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं. अब सवाल यह है कि वे स्कूल कैसे जाएंगे और उनकी परीक्षाएं कैसे होंगी। 

बस्‍ती के 2 परिवारों में 20 तारीख को शादी है

इस बस्ती में एक-दो परिवार ऐसे भी हैं, जिनके घर में 20 फरवरी को शादी है. शादी का मंडप सज चुका है. जिस घर में शादी के सपने संजोए गए थे, उसी घर से बेघर होने का फरमान जारी हो गया है. शादी का सारा सामान आ चुका है, सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और मेहमानों को निमंत्रण भी भेजा जा चुका है. लेकिन नोटिस मिलने के बाद अब परिवार चिंता में है कि यदि घर ही खाली करना पड़ा तो शादी कहां और कैसे होगी, और व्यवस्थाएं कैसे बन पाएंगी। 

बुजुर्गों ने सरकार से लगाई गुहार

जिन कंधों में अब जान नहीं बची और जिन पैरों में चलने की ताकत नहीं है, वे बुज़ुर्ग सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि भले ही उनके घर गिरा दिए जाएं, लेकिन प्रशासन उनके रहने की व्यवस्था कहीं और कर दे. उनके पास केवल यही घर है. लगभग आधा सैकड़ा से अधिक परिवार नोटिस मिलने के बाद से परेशान हैं. इस समय हर कोई अपने घर के बाहर डरा-सहमा बैठा रहता है. कई घरों में तो खाना तक नहीं बन रहा है. डर है कि कहीं अचानक घर से बेघर न कर दिया जाए। 

कलेक्‍टर के संज्ञान में आया मामला

इस पूरे मामले को लेकर जब हमने रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल से बात की तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है. संबंधित भूमि शासकीय जमीन है, जिस पर अवैध कब्जा किया गया है और उसे खाली कराया जा रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था भी बनाई जाएगी. पुनर्वास सुनिश्चित करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।