MPPSC 2026: नई गाइडलाइन से बदले परीक्षा के नियम
इंदौर|मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा और राज्य वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. नई गाइडलाइन के अनुसार, अब उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट यानी की डेढ़ घंटे पहले ही परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा|
बदलाव क्यों है जरूरी?
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) का कहना है कि नई गाइडलाइन के तहत किए गए बदलाव MPPSC परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए हैं. परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों को तीन चरण की सख्त जांच प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा, जिससे हर कैंडिडेट को 5 से 7 मिनट का समय लग सकता है. यही कारण है कि परीक्षा केंद्र पर अब 45 मिनट नहीं बल्कि 90 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य होगा. इस बदलाव से उम्मीदवारों को किसी प्रकार की समस्या का समाना नहीं करना पड़ेगा|
191 पदों पर होगी उम्मीदवारों की भर्ती
- प्रदेश में इस भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य सेवा परीक्षा के लिए 155 और राज्य वन सेवा के लिए करीब 36 पद निर्धारित किए हैं.
- आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी से 9 फरवरी तक चली इसमें करीब 1 लाख 35 हजार उम्मीदवारों ने पंजीयन कराया था.
- भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड 16 अप्रैल को जारी होंगे.
- परीक्षा 26 अप्रैल को आयोजिक की जाएगी.
प्रदेश में व्यापक रूप से हो रही तैयारी
भर्ती परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश में करीब 54 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए हैं. इसके लिए प्रदेशभर से 500 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को केंद्र के रूप में चयनित किया गया है. भर्ती प्रक्रिया पर अधिकारियों को कहना है कि सभी केंद्रों एक जैसी सुरक्षा और जांच व्यवस्था लागू की जाएगी. परीक्षा दो चरणों में आयोजित होगी. पहला पेपर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक सामान्य अध्ययन का होगा. इसके बाद दूसरा पेपर दोपहर 2:15 बजे से 4:15 बजे तक सामान्य अभिरूचि का (विषय आधारित) का आयोजित किया जाएगा. परीक्षा के शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर प्रवेश को बंद कर दिया जाएगा|
तीन स्तर पर होगी उम्मीदवारों की जांच
नई व्यवस्था के तहत कैंडिडेट को तीन चरणों में जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा|
- पहली जांच प्रक्रिया – प्रवेश के समय उम्मीदवार के एडमिट कार्ड की जांच होगी और फोटो से कैंडिडेट की पहचान मिलाई जाएगी.
- फ्रिस्क्रिंग प्रक्रिया – परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी, जिसके बाद मैन्युअल तलाशी ली जाएगी. इस जांच से पता लगाया जाएगी कि कैडिडेट इलेक्ट्रॅानिक उपकरण अंदर ना ले जा सके.
- बायोमैट्रिक सत्यापन – परीक्षा केंद्र पर जांच के अंतिम चरण में अभ्यर्थियों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित की जाएगी. इसमें फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन, आंखों की स्कैनिंग और डिजिटल हस्ताक्षर शामिल होंगे.

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