किसान से रिश्वत लेना पड़ा महंगा: तहसीलदार कार्यालय का बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई
दुर्ग जिले के बोरी तहसील में पदस्थ लिपिक वीरेंद्र तूरकाने को एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने 17 हजार 500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम उसे अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया।
यह कार्रवाई ग्राम टेकापार निवासी किसान धनेन्द्र की शिकायत पर की गई। धनेन्द्र अपनी जमीन का नामांतरण करवाने के लिए कई दिनों से तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। लिपिक वीरेंद्र तूरकाने ने नामांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 17 हजार 500 रुपए की रिश्वत मांगी थी।
पैसा नहीं देने के कारण वह किसान को लगातार चक्कर लगवा रहा था। परेशान होकर किसान ने एसीबी से संपर्क किया और लिखित शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने पकड़ने की योजना बनाई। जैसे ही तूरकान ने रिश्वत की राशि ली, टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी से मौके पर ही राशि जब्त कर ली गई है। फिलहाल एसीबी आरोपी बाबू से पूछताछ कर रही है।

असम में बाढ़ का कहर, 50 लोगों की मौत; 40 अब भी लापता, हालात बेहद गंभीर
RWA विवाद में बड़ा एक्शन, अलका दलाल समेत 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, इराक में धमाके और वेस्ट बैंक में खूनी संघर्ष
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, सरकार से बातचीत कल फिर होगी
जेपी अस्पताल में हंगामा, 21 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद आत्मदाह की चेतावनी