भालू के हमले से ग्रामीण की मौत, खुखड़ी लेने जंगल गया था; इलाज के लिए रायपुर ले जाते समय हादसा
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में वन्यजीवों, विशेषकर भालुओं के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार की सुबह उदयपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सितकालो में मवेशी चराने और जंगल गए एक अधेड़ ग्रामीण पर भालू ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस भीषण हमले में 55 वर्षीय ग्रामीण चैतू राम की मौत हो गई। इसके अलावा, कोरबा और शंकरगढ़ क्षेत्रों में भी भालू के हमलों में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
उदयपुर: जंगल में खुखड़ी खोजने गए ग्रामीण पर भालू का हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सितकालो निवासी चैतू राम बुधवार की सुबह अपने मवेशी और बकरियां चराने के लिए घर से कुछ ही दूरी पर स्थित जंगल में गए थे। जंगल में वह खाने योग्य जंगली मशरूम यानी 'खुखड़ी' खोजने के लिए थोड़ा भीतर गए थे, तभी घात लगाए बैठे एक भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया।
भालू ने चैतू राम के सिर, कंधे और पीठ पर अपने नाखूनों और दांतों से वार कर उन्हें गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। भालू के चंगुल से छूटने के लिए चैतू राम ने काफी संघर्ष किया। किसी तरह भालू के वहां से जाने के बाद वह लहूलुहान अवस्था में खुद चलकर गांव की सीमा तक पहुंचे।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
रास्ते में अन्य ग्रामीणों ने उन्हें खून से लथपथ देखकर तुरंत उनके परिजनों को इसकी सूचना दी। परिजन उन्हें लेकर सबसे पहले उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचे, जहां उनकी नाज़ुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
अंबिकापुर से भी स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें रायपुर के लिए रेफर कर दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश रायपुर ले जाते वक्त रास्ते में ही चैतू राम ने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे गांव और आसपास के इलाकों में भालू के आतंक को लेकर भारी भय और शोक का माहौल व्याप्त है।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, मुआवजे की प्रक्रिया शुरू
इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे अकेले जंगल के भीतर न जाएं और पूरी सतर्कता बरतें। अधिकारियों का कहना है कि इस संभाग में लोग अक्सर खुखड़ी, पुटू और अन्य वनोपज संग्रह के लिए जंगलों का रुख करते हैं, जिससे वन्यजीवों का आमना-सामना होने पर खतरे की आशंका बनी रहती है।
पुलिस और वन अमले ने घटनास्थल का जायजा लिया है। वन विभाग द्वारा नियमानुसार मृतक के शोककाकुल परिजनों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
दूसरी घटना: कोरबा जिले में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल
भालू के हमले की दूसरी बड़ी घटना कोरबा जिले से सामने आई है, जहां डीडासरई-देवपहरी के जंगलों में मंगलवार की शाम करीब 6 बजे जंगल गई दो महिलाओं पर भालू ने अचानक धावा बोल दिया। इस हिंसक हमले में 50 वर्षीय मूल्यारो बाई और समारी बाई बुरी तरह से घायल हो गईं।
घटना के तुरंत बाद दोनों महिलाओं को कोरबा के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी करवाकर लोगों को अकेले जंगल में प्रवेश न करने की सलाह दी है।
तीसरी घटना: शंकरगढ़ में बुजुर्ग ग्रामीण पर भालू का प्रहार
तीसरी घटना बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ क्षेत्र की है। यहां के ग्राम आसनपानी में सोमवार की शाम 60 वर्षीय भगतु कोडाकू मवेशी चराने के लिए जंगल गए हुए थे, तभी एक भालू ने उन पर हमला कर दिया।
मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों की ओर से शोर मचाए जाने पर भालू वहां से भाग निकला। घायल बुजुर्ग को तत्काल शंकरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। इस मामले में वन विभाग की ओर से त्वरित राहत के रूप में एक हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद वन विभाग ने जंगलों के रास्तों पर गश्त और निगरानी काफी बढ़ा दी है।

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