पटना: बिहार की बख्तियारपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर अंतरराज्यीय स्तर पर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रानीसराय के निवासी रौशन कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में नामजद चार आरोपियों में से मुख्य साजिशकर्ता को उत्तर प्रदेश से दबोच लिया है। इस गिरोह के अन्य तीन सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

ब्रिटेन के विश्वविद्यालय में दाखिले का दिया झांसा

जांच अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित अपनी पत्नी को चिकित्सा क्षेत्र की उच्च शिक्षा (एमबीबीएस-एमएस) के लिए ब्रिटेन के प्रतिष्ठित कार्डिफ विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाना चाहते थे। इसी दौरान उनका संपर्क गाजियाबाद के रहने वाले विवेक भटनागर से हुआ। आरोपी ने खुद को एक कंसलटेंसी एजेंसी का संचालक बताते हुए पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने दावा किया कि वे लगभग नौ लाख रुपये के कुल खर्च में लंदन के विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने के साथ-साथ वीजा की व्यवस्था और वहां पार्ट-टाइम नौकरी का प्रबंध भी करवा देंगे, जिससे पीड़ित उनकी बातों में आ गया।

फर्जी दस्तावेज और फर्जी इंटरव्यू से जीता भरोसा

शातिर ठगों ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए बकायदा एक योजनाबद्ध तरीका अपनाया। शुरुआती बातचीत के बाद आरोपियों ने एडवांस राशि के रूप में तीन लाख पचासी हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद पीड़ित को पूरी तरह आश्वस्त करने के लिए आरोपियों ने उनकी पत्नी का एक कथित तौर पर इंटरव्यू भी आयोजित करवाया। यही नहीं, आरोपियों ने बख्तियारपुर निवासी पीड़ित को विश्वविद्यालय का एक फर्जी प्रवेश पत्र (एडमिशन सर्टिफिकेट) भी थमा दिया, जिससे पीड़ित को लगा कि उसकी पत्नी का दाखिला सुनिश्चित हो चुका है।

ईमेल से हुआ धोखे का बड़ा खुलासा

रुपये देने के बाद जब काफी समय बीत गया और कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, तो पीड़ित को इस पूरी प्रक्रिया पर संदेह होने लगा। अपने स्तर पर सच्चाई जानने के लिए उन्होंने सीधे ब्रिटेन के कार्डिफ विश्वविद्यालय को एक आधिकारिक ईमेल भेजकर अपनी पत्नी के दाखिले के संबंध में जानकारी मांगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मिले जवाब ने पीड़ित के होश उड़ा दिए, जिसमें स्पष्ट किया गया कि संस्थान में ऐसी किसी एजेंसी के माध्यम से प्रवेश नहीं दिया जाता और न ही उनकी पत्नी का वहां कोई दाखिला हुआ है। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत स्थानीय थाने में जाकर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।

देशव्यापी नेटवर्क और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने पीड़ित के साथ बाकायदा एक एग्रीमेंट भी किया था, जिसके तहत काम न होने पर पैसे वापस करने का वादा करते हुए एक चेक भी दिया गया था, जो बाद में फर्जी साबित हुआ। मामला दर्ज होने के बाद से ही सभी आरोपी फरार चल रहे थे। बख्तियारपुर पुलिस ने तकनीकी इनपुट्स और गाजियाबाद पुलिस के सहयोग से उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का जाल देश के कई राज्यों में फैला हुआ है और वे पहले भी दर्जनों छात्रों को विदेश में पढ़ाई के नाम पर अपना शिकार बना चुके हैं।