खंडहर में पंचायत का दफ्तर, पन्नियों के सहारे व्यवस्था; ग्रामीण परेशान
मऊगंज:मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण विकास और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच मऊगंज जिले की हनुमान जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सगहन कला से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहाँ का स्थानीय पंचायत भवन पूरी तरह बदहाली का शिकार हो चुका है। इमारत की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि उसकी छत और दीवारों को ढकने व सुरक्षित रखने के लिए प्लास्टिक की पन्नियों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि क्षेत्र के विकास का मुख्य केंद्र माना जाने वाला यह कार्यालय अब एक खंडहर में बदल चुका है, जिससे इलाके में विकास से जुड़ी तमाम गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई हैं।
अधिकारियों की अनुपस्थिति से आम जनता को हो रही भारी परेशानी
पंचायत भवन की खस्ताहाल इमारत के साथ-साथ प्रशासनिक उदासीनता ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों की शिकायत है कि पंचायत में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक जैसे मुख्य पदों पर बैठे लोग अक्सर अपने कार्यालय से नदारद रहते हैं। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण आम जनता के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मनरेगा के भुगतान और समग्र आईडी सुधार जैसे अत्यंत आवश्यक और बुनियादी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। लोगों को अपने छोटे-छोटे सरकारी कामों को पूरा कराने के लिए कई दिनों तक पंचायत से लेकर जनपद कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाता।
बारिश में टपकती छत और असुरक्षित भवन से बना रहता है बड़ा खतरा
सगहन कला ग्राम पंचायत भवन की यह बदहाल स्थिति वहां काम करने वाले कर्मचारियों और अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले आम नागरिकों, दोनों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है। बारिश के मौसम में इस जर्जर भवन की छत से लगातार पानी टपकता रहता है, जिसके चलते न केवल कार्यालय का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खराब होने का डर रहता है बल्कि विभागीय कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित होता है। ऐसे में स्थानीय लोगों द्वारा यह वाजिब सवाल उठाया जा रहा है कि जब सरकार अपने कर्मचारियों और जनता को एक सुरक्षित बैठने की जगह तक मुहैया नहीं करा पा रही है, तो वहां से बेहतर और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाओं की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
अधूरे पड़े विकास कार्यों से जनता में नाराजगी, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की आस
क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और सरकारी योजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर स्थानीय आबादी में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में पहले से स्वीकृत कई विकास कार्य आधे-अधूरे पड़े हैं और नई कल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि वे जल्द से जल्द इस बदहाल पंचायत का जमीनी निरीक्षण करें और व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक नए पंचायत भवन का निर्माण करवाएं। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग इस दिशा में कोई त्वरित कदम उठाता है या फिर ग्रामीण विकास का यह पूरा मामला केवल कागजी दावों तक ही सिमट कर रह जाता है।

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