बारिश के लिए हो जाएं तैयार! छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज हवा और बरसात की संभावना
रायपुर: राज्य में पिछले कुछ दिनों से थमी मानसून की रफ्तार अब एक बार फिर जोर पकड़ने वाली है। बीते कुछ दिनों से सूबे के अधिकांश हिस्सों में सूखा और उमस भरा माहौल बना हुआ था, जिससे आम जनजीवन बेहाल था। हालांकि, अब मौसम वैज्ञानिकों ने राहत की खबर दी है। आने वाले दो दिनों के भीतर प्रदेश के वायुमंडल में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 15 और 16 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने और तेज रफ्तार हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। इसके साथ ही, कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की भी चेतावनी दी गई है।
रायपुर समेत इन जिलों में आज कैसा रहेगा मौसम का हाल?
प्रादेशिक मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 जुलाई को सूबे के अनेक जिलों में मानसूनी बादल जमकर बरस सकते हैं। कुछ संवेदनशील इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी जलभराव और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की भी आशंका जताई गई है, जिसे लेकर प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राजधानी रायपुर और इसके आस-पास के क्षेत्रों में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहेगा। बीच-बीच में धूप-छांव के खेल के साथ गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी उम्मीद है। आज यहाँ का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जिससे उमस से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
16 जुलाई को लेकर मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी
आगामी 16 जुलाई को पूरे प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय (एक्टिव) मुद्रा में नजर आएगा। मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही ठंडी और नमी युक्त हवाओं के कारण राज्य के उत्तरी और मध्य भागों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा। कई जिलों में लगातार रिमझिम तो कहीं मध्यम स्तर की बरसात दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, ग्रामीण और जंगली इलाकों में बिजली गिरने का खतरा अधिक रहेगा, इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
किसानों और आम जनता के लिए विशेष सलाह
इस बदलते मौसम को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल प्रबंधन का उचित ध्यान रखें। बोआई और खाद छिड़काव के कार्यों को मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ाएं। लगातार हो रही उमस के बाद इस बारिश से तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

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