पटना। बिहार के चर्चित शिक्षक फैजल खान और रौशन आनंद के बीच उपजे हालिया विवाद में सोमवार को एक बहुत बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। राजधानी पटना की स्थानीय अदालत में फायरिंग मामले से जुड़ी अग्रिम जमानत याचिका पर बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैजल खान को एक बहुत बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है, जिससे उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है।

फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने दी मंजूरी

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए फैजल खान के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार ने बताया कि अदालत ने उनके मुवक्किल की अग्रिम जमानत याचिका को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के बाद से ही खान सर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी, लेकिन अदालत के इस नए फैसले के बाद अब उनकी गिरफ्तारी पर पूरी तरह से रोक लग गई है। बचाव पक्ष ने अदालत के सामने अपना दृष्टिकोण बेहद मजबूती के साथ रखा था।

तीन प्रमुख सहयोगियों को भी मिली अग्रिम राहत

अदालत से राहत पाने वालों में केवल फैजल खान ही अकेले शामिल नहीं हैं, बल्कि उनके साथ काम करने वाले तीन अन्य करीबी सहयोगियों को भी इस मामले में अग्रिम जमानत मिल गई है। पुलिस अनुसंधान और कानूनी प्रक्रिया के दौरान इन सहयोगियों पर भी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही थी, मगर अदालत ने सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा करने के बाद खान सर के साथ-साथ उनके इन तीनों सहयोगियों की याचिका को भी न्यायोचित मानते हुए मंजूर कर लिया।

जेल में बंद दो निजी सुरक्षाकर्मियों की नियमित जमानत मंजूर

इस पूरे विवाद और फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खान सर के दो निजी बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। सोमवार को हुई इस विशेष सुनवाई में अदालत ने जेल में बंद इन दोनों सुरक्षाकर्मियों की नियमित जमानत याचिका पर भी अपना सकारात्मक फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

नियमानुसार जारी रहेगी अदालती कार्यवाही और कानूनी प्रक्रिया

बचाव पक्ष के वकीलों ने स्पष्ट किया है कि भले ही इस समय फैजल खान, उनके सहयोगियों और सुरक्षाकर्मियों को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है, लेकिन इस पूरे मामले की मुख्य न्यायिक सुनवाई और जांच आगे भी कानून के दायरे में नियमानुसार जारी रहेगी। अदालत के इस ताजा आदेश की प्रति मिलने के बाद सभी संबंधित पक्ष अब आगे की जरूरी कागजी और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने की तैयारी में जुट गए हैं ताकि इस आदेश को धरातल पर प्रभावी कराया जा सके।