हैवानियत की हद: सात साल की मासूम का यौन उत्पीड़न, सगे भाई जैसा मानने वाले पड़ोसी ने दी जान से मारने की धमकी
नई दिल्ली | राजधानी के प्रेम नगर इलाके में सात वर्षीय एक मासूम बच्ची के साथ पड़ोस में रहने वाले सत्रह वर्षीय किशोर द्वारा यौन उत्पीड़न किए जाने का बेहद शर्मनाक मामला प्रकाश में आया है। इस घिनौनी वारदात का खुलासा तब हुआ जब बच्ची की अचानक तबीयत बिगड़ गई और बदहवास हालत में परिजन उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों द्वारा जांच किए जाने के बाद पीड़ित बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत की पुष्टि हुई, जिससे परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
टीव देखने गई थी मासूम, सूने घर का फायदा उठाकर किशोर ने दी जान से मारने की धमकी
प्राथमिकी से मिली जानकारी के अनुसार, दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली यह बच्ची अक्सर पड़ोस के एक घर में टेलीविजन देखने जाया करती थी। करीब एक सप्ताह पहले जब वह हमेशा की तरह वहां गई, तो घर में सत्रह साल का वह किशोर अकेला मौजूद था, जिसे बच्ची 'भैया' कहकर बुलाती थी। आरोप है कि सूने घर का फायदा उठाकर आरोपी ने मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया और उसके निजी अंगों के साथ गंभीर छेड़छाड़ की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बच्ची को जुबान खोलने पर जान से मारने की खौफनाक धमकी दी, जिससे सहमी मासूम ने डर के मारे कई दिनों तक घर में किसी को कुछ नहीं बताया।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में हुआ खुलासा, मां की पूछताछ में खुली सच्चाई
बीती तीस मई को जब बच्ची की शारीरिक स्थिति अचानक बेहद खराब हो गई, तो माता-पिता उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले गए। वहां चिकित्सीय परीक्षण के दौरान बच्ची के आंतरिक अंगों पर चोट और उत्पीड़न के निशान पाए गए। डॉक्टरों से मिली जानकारी के बाद जब मां ने दुलार कर बच्ची से गहराई से पूछताछ की, तो उसने रोते हुए एक हफ्ते पहले पड़ोसी किशोर द्वारा की गई इस घिनौनी हरकत की पूरी दास्तां बयां कर दी। इसके तुरंत बाद पीड़ित बच्ची के पिता ने थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
पॉक्सो सहित संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज, आरोपी किशोर को भेजा गया बाल सुधार गृह
परिजनों की लिखित शिकायत, बच्ची के प्रारंभिक बयानों और पुख्ता मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाते हुए प्रेम नगर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार (दुष्कर्म), आपराधिक धमकी और सख्त पॉक्सो (POXSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने एक जून को दबिश देकर आरोपी नाबालिग को अभिरक्षा में ले लिया। कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आरोपी को किशोर न्यायालय के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह (रिमांड होम) भेज दिया गया है और पुलिस आगे की तफ्तीश में जुटी है।

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