नई दिल्ली | भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के प्रथम अध्यक्ष व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी धनेंद्र कुमार गर्ग का हौज खास एन्क्लेव स्थित उनके आवास पर एक दर्दनाक हादसे में निधन हो गया। बुधवार देर रात घर में लगी भीषण आग के वक्त वह वाशरूम में थे। जब वह बाहर आए, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी और पूरे घर में जहरीला धुआं फैल गया था। धुएं के कारण दम घुटने से वह अचेत हो गए, जो अंततः उनकी मृत्यु का कारण बना। बेहद दुखद यह है कि आगामी 6 जून को उनका 80वां जन्मदिन था, जिसके उपलक्ष्य में 30 मई को एक पारिवारिक उत्सव की तैयारियां चल रही थीं। हरियाणा कैडर के 1968 बैच के पूर्व नौकरशाह धनेंद्र कुमार विश्व बैंक में भारत के कार्यकारी निदेशक के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे।

एसी में शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह

पूर्व नौकरशाह के साथ पिछले 14 वर्षों से बतौर प्रबंधक कार्यरत अभिषेक रंजन ने बताया कि रात्रि भोज के बाद पूरा परिवार सोने की तैयारी में था। धनेंद्र कुमार वाशरूम में थे, जबकि उनका बेटा गौरव अपने कमरे में और पत्नी लिविंग रूम में थीं। इसी दौरान घर के दो सहायकों ने सबसे पहले आग की लपटें देखीं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, आग एयर कंडीशनर (AC) की इनडर यूनिट में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से लगी। देखते ही देखते चिंगारी ने पर्दों और सोफे को अपनी चपेट में ले लिया और आग तेजी से पूरे ग्राउंड फ्लोर पर फैल गई। घरेलू सहायकों ने मुस्तैदी दिखाते हुए व्हीलचेयर पर रहने वाली कुमार की पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पिता को बचाने की कोशिश में बेटा गंभीर रूप से झुलसा

हादसे के वक्त पड़ोस में मौजूद चश्मदीद रमेश सिंह ने बताया कि चारों तरफ फैले घने और काले धुएं के बीच धनेंद्र कुमार का बेटा गौरव अपने पिता को ढूंढने के लिए अंदर भागा। अत्यधिक धुएं के कारण शुरुआत में कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, जिसके कारण कुमार को खोजने में देरी हुई। बाद में वह बेहोशी की हालत में मिले, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहीं, रात की गश्त पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने आग देखकर पड़ोसियों को सचेत किया, जिससे कई लोग मदद के लिए आगे आए। इस बचाव प्रयास में उनका बेटा गौरव भी गंभीर रूप से झुलस गया, जो विशेष रूप से लंदन से अपने पिता के जन्मदिन समारोह में शामिल होने भारत आया था।

अस्पताल से बेटे की छुट्टी के बाद होगा अंतिम संस्कार

दक्षिण जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मृतक पूर्व नौकरशाह के बेटे गौरव को डॉक्टरों ने 48 घंटे की सख्त निगरानी में रखा है। अस्पताल से उसे छुट्टी मिलने के बाद ही धनेंद्र कुमार के शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच अमेरिका में रहने वाली उनकी छोटी बेटी भी दिल्ली पहुंच रही है। कुमार अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनके करीबियों ने उन्हें एक बेहद संवेदनशील, अनुशासित और अपने कर्मचारियों को भी परिवार का हिस्सा मानने वाले एक सहृदय इंसान के रूप में याद किया। पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।