जबलपुर/दमोह। जबलपुर के पास कटंगी क्षेत्र से सटे दमोह जिले के जबेरा अंतर्गत तेलनघाटी पहाड़ी पर बेजुबान जानवरों के साथ क्रूरता का एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ मूंग की फसल बर्बाद होने से गुस्साए पांच ग्रामीणों ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए देर रात 13 भैंसों को 500 फीट गहरी खाई में धकेल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 11 भैंसों की तड़प-तड़प कर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से जख्मी हैं। घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह वहां से गुजरने वाले राहगीरों ने खाई में मरे हुए मवेशियों को देखा और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया।

फसल नुकसान का बदला लेने के लिए रची खौफनाक साजिश

कस्टडी में लिए गए आरोपियों ने पुलिसिया पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि ये मवेशी लगातार उनके खेतों में घुसकर मूंग की तैयार फसल को चर रहे थे, जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा था। इसी रंजिश और गुस्से में आकर उन्होंने रात के अंधेरे में सभी 13 भैंसों को हांकते हुए जबेरा (दमोह) की तेलनघाटी पहाड़ी के उच्चतम बिंदु पर पहुंचाया और वहां से एक-एक कर सबको नीचे ढकेल दिया।

इस अमानवीय कृत्य को लेकर कंजई मानगढ़ के रहने वाले द्वारका राय ने जबेरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ये मवेशी गांव के ही शारदा राय, राजकुमार राय और इंद्रकुमार राय के थे, जिन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 (पशु क्रूरता निवारण अधिनियम व अन्य सुसंगत धाराओं) के तहत केस दर्ज किया और सायबर सेल व मुखबिरों के जाल की मदद से आरोपियों को दबोच लिया।

सलाखों के पीछे पहुंचे ये पांचों आरोपी

जबेरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बेजुबानों की हत्या के आरोप में पौड़ी गांव के रहने वाले निम्नलिखित पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है:

  • सुभाष राय (उम्र 41 वर्ष)

  • परमलाल चौधरी (उम्र 53 वर्ष)

  • प्रवेन्द्र चौधरी (उम्र 19 वर्ष)

  • आनंद उर्फ कालू राय (उम्र 32 वर्ष)

  • अंशुल राय (उम्र 27 वर्ष)

पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है ताकि बेजुबानों की जान लेने वाले इन आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।