सुराग नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण, बच्ची के कब्र कांड की SIT करेगी जांच
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही थाना इलाके से एक रूह कंपा देने वाली और बेहद विचलित करने वाली घटना प्रकाश में आई है। यहाँ एक तीन वर्ष की मृत बच्ची की कब्र के साथ न सिर्फ असामाजिक तत्वों द्वारा बर्बरतापूर्वक छेड़छाड़ की गई, बल्कि शव के ऊपर तंत्र-मंत्र और जादू-टोना किए जाने का भी गंभीर आरोप लगा है। जब प्रशासनिक अनुमति के बाद कब्र की दोबारा खुदाई की गई, तो मासूम के शव का सिर (खोपड़ी) गायब मिला। इस वीभत्स कृत्य के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसे देखते हुए मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है।
शिवरात्रि के दिन हुआ इस खौफनाक हरकत का खुलासा
दिल दहला देने वाले इस घटनाक्रम के अनुसार, माहुद बी ग्राम की रहने वाली 3 वर्षीय मासूम बच्ची प्रिया साहू की तबीयत बिगड़ने के कारण 9 अक्टूबर 2028 को मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने गांव के ही मुक्तिधाम में उसे रीति-रिवाज के अनुसार दफनाया था।
हाल ही में शिवरात्रि के पावन पर्व पर जब गांव का एक किसान मुक्तिधाम के रास्ते अपने खेतों की ओर जा रहा था, तब उसे बच्ची की कब्र के पास कुछ असामान्य हलचल और संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं। पास जाकर देखने पर कब्र का एक हिस्सा खुदा हुआ था। वहीं पास के ही एक पेड़ के नीचे अंधविश्वास और तांत्रिक क्रिया से जुड़ी सामग्रियां जैसे नींबू, सिंदूर-बंधन, पान के पत्ते, मिट्टी के दीये, अगरबत्ती और कब्र के चारों तरफ तांत्रिक विधि से छिड़के गए चावल के दाने बिखरे पड़े थे। गवाह ने तुरंत इसकी जानकारी ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी।
एसडीएम की मंजूरी के बाद खुली कब्र, तो रह गए दंग
इस घिनौनी वारदात की खबर आग की तरह फैलते ही शमशान घाट पर सैकड़ों ग्रामीणों और पीड़ित परिजनों का हुजूम इकट्ठा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों के भारी आक्रोश और लिखित आग्रह पर अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) से फौरन अनुमति ली गई। इसके बाद जब कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र को दोबारा खोदा गया, तो अंदर का नजारा देखकर सबकी रूह कांप गई—मासूम बच्ची के धड़ से उसका सिर गायब था। तांत्रिकों ने शव के सिर को कब्र से बाहर निकाल लिया था।
सीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी करेगी अपराधियों का शिकार
इस अमानवीय घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और दोषियों को तत्काल फांसी देने की मांग उठ रही है। कानून-व्यवस्था और जनआक्रोश को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया है। मामले की कड़ियों को सुलझाने और तांत्रिक गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी कमान राजहरा के सीएसपी (CSP) को सौंपी गई है। इस विशेष टीम में सायबर सेल के विशेषज्ञों सहित कई थानों के प्रभारियों और चुनिंदा आरक्षकों को शामिल किया गया है, जो संदिग्ध ठिकानों और संदेही तांत्रिकों से पूछताछ कर रहे हैं।

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