क्वालिफायर-1 के नॉकआउट मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हाथों 92 रनों की शर्मनाक हार झेलने के बाद गुजरात टाइटंस के खेमे में मायूसी और तल्खी साफ देखी जा रही है। इस करारी शिकस्त के बाद एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया, जब टीम के कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच आशीष नेहरा पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस (पत्रकार वार्ता) से नदारद रहे। मुख्य नेतृत्व की जगह न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स को मीडिया के तीखे सवालों का सामना करने के लिए भेजा गया। हालांकि, गुजरात के पास क्वालिफायर-2 के जरिए फाइनल में जगह बनाने का एक और मौका बचा हुआ है, लेकिन बेंगलुरु के खिलाफ मिली इस एकतरफा हार ने टीम के आत्मविश्वास को हिलाकर रख दिया है।

"बेवकूफी भरा सवाल है..." — जब रिपोर्टर पर भड़क गए फिलिप्स

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माहौल उस समय गर्म हो गया जब एक पत्रकार ने फिलिप्स से पूछ लिया कि क्या 255 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात की टीम ने मैच के बीच में ही घुटने टेक दिए थे या हार मान ली थी? इस सवाल पर कीवी ऑलराउंडर का पारा चढ़ गया।

उन्होंने सख्त लहजे में जवाब देते हुए कहा, "यह बेहद बेतुका और बेवकूफी भरा सवाल है। कोई भी पेशेवर खिलाड़ी मैदान पर शिकस्त स्वीकार करने के इरादे से नहीं उतरता। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर हैं और देश-दुनिया के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ देने जाते हैं। जब आप 250 से ऊपर के स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं, तो खेल के हर विभाग का परफेक्ट होना जरूरी होता है, लेकिन दुर्भाग्य से आज हमारा दिन नहीं था। इतने बड़े स्कोर के सामने रन-रेट का दबाव बहुत ज्यादा होता है और हर बार ऐसी पारियां नहीं खेली जा सकतीं। पंजाब किंग्स ने भले ही अतीत में इसे आसान दिखाया हो, पर असल में यह बेहद कठिन काम है।"

कुलवंत खेजरोलिया को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर असमंजस

इस बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में गुजरात टाइटंस के प्रबंधन ने तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया को अंतिम एकादश (प्लेइंग इलेवन) में मौका दिया था, जो इस पूरे सीजन में उनका महज दूसरा मैच था। अर्शद खान की जगह टीम में शामिल किए गए खेजरोलिया को लेकर जब फिलिप्स से सवाल हुआ, तो वे कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दे पाए।

फिलिप्स ने कहा, "इस तरह के बड़े फैसले पूरी तरह से कोचिंग स्टाफ और नेट प्रैक्टिस में खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर तय होते हैं। कुलवंत एक बेहतरीन गेंदबाज हैं और उन्होंने अपने पहले ओवर में काफी कसी हुई गेंदबाजी भी की थी, हालांकि दूसरे ओवर में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वे महंगे साबित हुए।"

फील्डिंग के स्तर पर जताई गहरी नाराजगी, कहा— पाटीदार ने सिखाया सबक

दुनिया के सबसे शानदार क्षेत्ररक्षकों में शुमार ग्लेन फिलिप्स ने टीम के लचर फील्डिंग प्रदर्शन पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने दो टूक कहा कि प्लेऑफ जैसे दबाव वाले मैचों में खराब फील्डिंग आपको टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है।

उन्होंने कहा, "आप कितनी भी अच्छी बल्लेबाजी या गेंदबाजी कर लें, लेकिन अगर कैच छूटेंगे और बाउंड्री पर रन लीक होंगे, तो मैच जीतना असंभव है। आज रजत पाटीदार ने हमारी इसी कमजोरी का पूरा फायदा उठाया और हमें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी।" गौरतलब है कि बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने 33 गेंदों में नाबाद 93 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि इस दौरान गुजरात के फील्डरों ने उनके दो आसान कैच टपकाए थे।

गिल और नेहरा के न आने पर दी सफाई

जब फिलिप्स से अंतिम सवाल पूछा गया कि इतनी बड़ी शिकस्त के बाद कप्तान या कोच खुद मीडिया का सामना करने क्यों नहीं आए और उन्हें आगे क्यों कर दिया गया? इस पर फिलिप्स ने टीम का बचाव करते हुए कहा, "हम एक इकाई (टीम) के रूप में खेलते हैं और जीत-हार के बाद मीडिया के सामने आना किसी एक की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। फिलहाल हमारे लिए महत्वपूर्ण यह है कि जो खिलाड़ी अगले मैच में उतरने वाले हैं, वे इस हार के सदमे से उबरें और क्वालिफायर-2 के महामुकाबले पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करें।"