सोनीपत/नई दिल्ली: हरियाणा खेल विश्वविद्यालय से क्रिकेट में डिप्लोमा कर रहे दिल्ली के छात्र निशांत की कैंपस के ही स्विमिंग पूल में डूबने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस आकस्मिक हादसे से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। निशांत के पिता दुष्यंत कुमार गौतम दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और वर्तमान में किंग्सवे कैंप की पांचवीं बटालियन में तैनात हैं। मूल रूप से बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला यह परिवार फिलहाल दिल्ली के गौतम नगर में रह रहा है।

15 दिन बाद पूरा होने वाला था कोर्स, पिता से कहा था- 'जल्द लौटूँगा'

निशांत पढ़ाई और खेल दोनों में ही शुरू से अव्वल थे। उन्होंने दिल्ली सेंट्रल स्कूल से 12वीं करने के बाद भोपाल के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से बीपीएड और एमपीएड की डिग्री ली थी। इसके बाद क्रिकेट कोच बनने का सपना लिए उन्होंने हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लिया था।

भावुक होते हुए पिता दुष्यंत कुमार ने बताया कि पिछले रविवार को ही निशांत यह कहकर सोनीपत गया था कि, "पापा, बस 15 दिन में कोर्स पूरा होते ही वापस आ जाऊँगा।" लेकिन जाने के चौथे ही दिन बृहस्पतिवार रात करीब 9:30 बजे विश्वविद्यालय से उसकी मौत की खबर आई। पिता का कहना है कि निशांत स्कूल के दिनों से ही एक अच्छा तैराक था, ऐसे में स्विमिंग पूल में उसके डूबने की बात समझ से परे है।

दो दिन बाद भाई की UPSC परीक्षा, घर में पसरा मातम

निशांत अपने दो भाई और एक बहन में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई विशाल गौतम स्नातक करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे हैं। आगामी 24 मई को ही विशाल की प्रारंभिक (प्रीलिम्स) परीक्षा होनी है, लेकिन इस बड़े हादसे के बाद भाई और पूरा परिवार गहरे सदमे में है। वहीं, उनकी बहन तान्या गौतम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से एलएलएम (LLM) की पढ़ाई पूरी की है। बेटे का शव देखकर माँ सुषमा और बहन तान्या का रो-रोकर बुरा हाल है।

पीछे छूट गया 3 साल का मासूम, पत्नी भी है गर्भवती

पिता दुष्यंत कुमार ने रुंधे गले से बताया कि साल 2022 में उन्होंने बड़े ही अरमानों के साथ निशांत की शादी की थी। निशांत का एक तीन साल का छोटा बेटा है, जिसे अभी यह भी नहीं मालूम कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। दुखों का सिलसिला यहीं नहीं थमता, निशांत की पत्नी इस समय तीन महीने के गर्भ से हैं। इस हादसे ने एक झटके में मासूम बच्चे के सिर से पिता का साया छीन लिया और परिवार की खुशियाँ मातम में बदल दीं।