EVM और चुनाव प्रक्रिया पर Gaurav Gogoi ने उठाए सवाल
गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव के परिणामों में कांग्रेस पार्टी की करारी शिकस्त के उपरांत प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सामने आकर हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, लेकिन इसके बावजूद वे जनहित के मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाना जारी रखेंगे। गोगोई ने स्पष्ट किया कि यद्यपि संख्या बल में वे पीछे रह गए हैं, परंतु राज्य की जनता की आवाज बनने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने के अपने संकल्प से वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने भविष्य की रणनीति साझा करते हुए बताया कि जल्द ही नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाकर हार के कारणों का विस्तृत विश्लेषण और संगठन के पुनर्गठन पर गंभीरता से मंथन किया जाएगा।
चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार
गौरव गोगोई ने चुनावी परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल लंबे समय से चुनाव प्रणाली में खामियों की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, किंतु चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़ी शंकाओं का अब तक उचित समाधान नहीं हो सका है। गोगोई ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्तमान सत्ताधारी दल देश में ऐसी व्यवस्था थोपना चाहता है जहां केवल एक ही दल का वर्चस्व रहे। ईवीएम और चुनाव प्रणाली की सत्यनिष्ठा को लेकर पार्टी ने पहले ही सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, ताकि लोकतंत्र की गरिमा को बरकरार रखा जा सके।
संगठन के भीतर नए दृष्टिकोण और भविष्य की चुनौतियां
प्रदेश अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि आगामी समय में कांग्रेस को अपना संदेश जनता तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए संगठन के ढांचे में बदलाव और एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है। उन्हें जमीनी स्तर से यह फीडबैक मिल रहा है कि पार्टी की नीतियों को जन-जन तक ले जाने के तरीकों में नवीनता लानी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सत्ता पक्ष की गलतियों और जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध वे विधानसभा के भीतर और बाहर साहसपूर्वक खड़े रहेंगे। गोगोई के अनुसार, वे असम की जनता के प्रति जवाबदेह हैं और संगठन के भीतर की कमजोरियों को दूर कर एक बार फिर जनमानस का विश्वास हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार और जनता का धन्यवाद
हार के बावजूद गौरव गोगोई ने असम के उन मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने कठिन समय में कांग्रेस का साथ दिया। उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और जितेंद्र सिंह जैसे शीर्ष नेतृत्व का भी धन्यवाद किया कि उन्होंने हर मोड़ पर प्रदेश इकाई का मार्गदर्शन और समर्थन किया। गोगोई ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि सीटों की कम संख्या उनके मनोबल को प्रभावित नहीं कर सकती और वे एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए असम के विकास और लोगों के अधिकारों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उनके अनुसार, कांग्रेस का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि आम आदमी के हितों की रक्षा करना है, जिसे वे किसी भी परिस्थिति में अधूरा नहीं छोड़ेंगे।

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