दिल्ली में समय से पहले लू का कहर, अप्रैल में जून जैसी गर्मी
नई दिल्ली: राजधानी में वक्त से पहले ही भीषण गर्मी और लू ने दस्तक दे दी है। सोमवार को दिल्लीवासियों ने झुलसाने वाली धूप का सामना किया, जिसके चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है।
मौसम का पूर्वानुमान: अभी और तपेगी दिल्ली
- वर्तमान स्थिति: सोमवार को अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री रहा, लेकिन गर्म हवाओं ने इसे और भी कष्टदायक बना दिया।
- अगले 5 दिन: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 20 से 24 अप्रैल के बीच पारा 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है।
- राहत की उम्मीद: 25 और 26 अप्रैल को तापमान में मामूली गिरावट की संभावना है, जिससे पारा 40-42 डिग्री के आसपास रह सकता है।
अस्पतालों की 'कूलिंग' रणनीति
बढ़ते तापमान को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों ने कमर कस ली है:
RML अस्पताल: यहाँ 'हीट स्ट्रोक यूनिट' को सक्रिय कर दिया गया है। गंभीर मरीजों के शरीर का तापमान तुरंत कम करने के लिए 150 लीटर पानी और 50 किलो बर्फ वाले विशेष 'आइस टब' तैयार किए गए हैं।
टैको तकनीक: मरीजों को तिरपाल में लिटाकर ठंडा करने वाली 'टैको' (TACO) तकनीक और एसी युक्त मोबाइल एंबुलेंस का इंतजाम किया गया है।
LNJP और GTB अस्पताल: यहाँ भी लू की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए विशेष बेड आरक्षित किए जा रहे हैं और डॉक्टरों की टीम को अलर्ट पर रखा गया है।
सियासी सरगर्मी: सरकार की तैयारियों पर उठे सवाल
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने हीट वेव को लेकर केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। उनके मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
- योजना का अभाव: मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद सरकार के पास लू से निपटने का कोई ठोस ब्लूप्रिंट नजर नहीं आ रहा है।
- अधूरे वादे: पिछले वर्ष घोषित किए गए 3,000 वाटर कूलर, कूलिंग शेल्टर और शेड जमीनी स्तर पर अब तक नहीं दिखे हैं।
- गरीबों पर संकट: सरकार की निष्क्रियता का सबसे बुरा असर फुटपाथों, झुग्गियों और खुले में काम करने वाले मजदूरों पर पड़ेगा।
- निष्कर्ष: एक तरफ जहाँ कुदरत का कहर बरस रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग जीवन बचाने की जद्दोजहद में है। हालांकि, बुनियादी सुविधाओं और सरकारी दावों के बीच का अंतर आम आदमी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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