होर्मुज स्ट्रेट खुला: वैश्विक तेल संकट टला, भारत को मिली बड़ी संजीवनी
नई दिल्ली | होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था ने राहत की सांस ली है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान द्वारा इस रास्ते को बंद करने से दुनिया की 20% तेल और एक-तिहाई गैस सप्लाई ठप हो गई थी। अब रास्ता खुलने से भारत समेत पूरी दुनिया में ऊर्जा और व्यापार की स्थिति सुधरने लगी है।
भारत के लिए बड़ी राहत
भारत आने वाले 41 जहाज अब अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें 15 भारतीय और 26 विदेशी जहाज शामिल हैं, जो कच्चा तेल, एलपीजी, एलएनजी और खाद लेकर आ रहे हैं। विशेष रूप से एक दर्जन से अधिक फर्टिलाइजर जहाज खरीफ सीजन के लिए वरदान साबित होंगे।
बाजार पर असर
रास्ता खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है:
ब्रेंट क्रूड: 9% गिरकर $90 के करीब पहुंचा।
WTI क्रूड: $83 के स्तर पर आ गया।
कुल गिरावट: पिछले 9 दिनों में कच्चे तेल के दाम 30% तक टूटे हैं।
मालभाड़ा और निर्यात
ट्रांसपोर्ट और फ्रेट रेट्स में कमी आने से बासमती चावल जैसे निर्यातों में तेजी आएगी। तनाव के दौरान जेद्दा पोर्ट तक कंटेनर भेजने की लागत 4-5 गुना बढ़ गई थी, जो अब कम होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे न केवल पश्चिम एशिया बल्कि यूरोप तक व्यापार करना सस्ता और आसान हो जाएगा।

राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद