1500 से ज्यादा सफल उड़ानों के बाद कैसे हुआ बड़ा क्रैश?
झारखंड से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस चतरा में क्रैश हो गई, जिसमें सवार 7 लोगों की मौत हो गई. चतरा में क्रैश हुई एयर एंबुलेंस किस कंपनी की थी, कितनी कैपेसिटी है, किन वजहों से यह हादसा हुआ और क्या-क्या खासियत हैं. यहां जानते हैं.जानकारी के अनुसार, चतरा में क्रैश हुई एयर एंबुलेंस रेडबर्ड कंपनी की बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L मेडिकल चार्टर फ्लाइट थी. जिसे रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड ऑपरेट करती थी. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह केवल एक घंटे में ही करीब 465 से 520 किमी. की दूरी तय कर सकती है. इसके अलावा एक बार में करीब 3,000 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है|
कैसे हुआ हादसा?
फिलहाल, अभी हादसे की असली वजह सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि खराब मौसम की वजह से यह हादसा हुआ है. विमान जिस रूट से गुजर रहा था. वहां बारिश हो रही थी, जिसकी चपेट में एयर एंबुलेंस आ गई और हादसे का शिकार हो गई|
9 सीटर था विमान
दरअसल, इस विमान का इस्तेमाल पर्सनल यूज के लिए ही किया जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि कम लोगों के बैठने की जगह रहती है और समय की भी बचत होती है. यह विमान कुल 9 सीटर था. पहले इसका उपयोग सबसे ज्यादा प्राइवेट जेट के तौर पर किया जाता था, लेकिन अब वर्तमान में एयर एंबुलेंस के रूप में सबसे ज्यादा यूज हो रहा|
अन्य विमानों की अपेक्षा काफी सस्ता
यह विमान अन्य की अपेक्षा थोड़ा सस्ता भी पड़ता है. इसके साथ ही इसमें डबल टर्बोप्रॉप है. यानी कि विमान में सिस्टम ज्यादा हैं, लेकिन खर्च कम. यह बहुत सुरक्षित भी माना जाता है. सबसे बड़ी खासियत है कि इसे आप कहीं भी लैंड करा सकते हैं, किसी प्रकार के रनवे की जरूरत नहीं पड़ती है. ऐसे में यह सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है और इस्तेमाल होता है|

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