राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस
नई दिल्ली। संसद (Parliament) के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा (Rajya Sabha) में कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और वरिष्ठ सांसद जयराम रमेश (Jairam Ramesh) आपस में भिड़ गए। यह झगड़ा औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान सामने आया, जब दोनों ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की बातों पर असहमति जताई।
विधेयक पर बहस
जयराम रमेश ने कहा कि बिल मजदूर विरोधी है, लेकिन विपक्ष को इसे समर्थन देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके तुरंत बाद खरगे ने उनके बयान का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि विपक्ष इस बिल का समर्थन कभी नहीं कर सकता। खरगे के रुख के बाद विपक्षी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए।
श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि संशोधन विधेयक केवल तीन पुराने कानूनों को संहिता में वापस शामिल करने का प्रावधान है। नए श्रम कानूनों में सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम न करने का प्रावधान है, न्यूनतम मजदूरी अनिवार्य है और विश्व श्रम संगठन के मानकों के अनुरूप नियम हैं।
सोनिया गांधी ने दिया वाम का साथ
गुरुवार को संसद में कांग्रेस और वामपंथी दलों ने श्रम कानूनों के खिलाफ एकजुटता दिखाई। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने ‘जीरो ऑवर’ में देशव्यापी आम हड़ताल का मुद्दा उठाया, और कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी ने उनके समर्थन में फॉर्म पर हस्ताक्षर किए। यह कदम आम तौर पर शून्यकाल में हस्ताक्षर न करने वाली सोनिया गांधी के लिए आश्चर्यजनक रहा और कांग्रेस तथा वामपंथी सदस्यों दोनों को चौंकाया।

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