मतदाता सूची विवाद: सोनिया गांधी की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल
नई दिल्ली|राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी की ओर से एक रिवीजन याचिका के संबंध में जवाब दाखिल किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय नागरिकता हासिल किए बिना उनका नाम धोखाधड़ी से मतदाता सूची में शामिल किया गया। अब इस मामले की सुनवाई 21 फरवरी को निर्धारित है।
क्या है पूरा मामला
सोनिया गांधी पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिक बनने से तीन साल पहले ही अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवा लिया था। दरअसल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) वैभव चौरसिया ने चार सितंबर 2025 को मामले की सुनवाई की थी। विकास त्रिपाठी नामक व्यक्ति की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि वह अप्रैल 1983 में भारत की नागरिक बनी थीं।त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि गांधी का नाम 1980 में मतदाता सूची में शामिल किया गया था, 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में फिर से जोड़ा गया। त्रिपाठी के वकील ने कहा कि उनका भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी अप्रैल 1983 का है। 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम कैसे शामिल हुआ, जिसे फिर 1982 में हटाया गया और 1983 में फिर से दर्ज किया गया।

डिजिटल जनगणना पोर्टल पर बड़ी चूक: अरुणाचल का 'पासीघाट' दिखा चीन का हिस्सा, तकनीकी सुधार जारी
बादाम ने दिलाई याद: हाउसिंग बोर्ड के दो अधिकारियों पर गिरी गाज, मुख्यालय किए गए अटैच।
डोंबिवली के पास खाली ट्रेन पटरी से उतरी, सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित
भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री: राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ली जे म्योंग का औपचारिक स्वागत