18 महीने पहले भी बाल-बाल बचे थे अजित पवार, बादलों में खो गया था हेलीकॉप्टर
मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के डिप्टी सीएम और एनसीपी चीफ अजित पवार (Ajit Pawar) का बुधवार को प्लेन हादसे (Plane crash) में निधन हो गया. वह निकाय चुनाव की रैली के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे. बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका प्लेन क्रैश हो गया. प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत छह लोगों की मौत हो गई. जुलाई 2024 में भी अजित पवार एक हवाई हादसे का शिकार होते-होते बचे थे. वह एक स्टील प्रोजेक्ट के उद्घाटन के लिए गढ़चिरौली जा रहे थे.
उनके साथ देवेंद्र फडणवीस और उदय सामंत भी हेलीकॉप्टर में सवार थे. उनका यह एक घंटे का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. पूरे रास्ते इन लोगों के दिल की धड़कनें बढ़ी हुई थी. जब नागपुर के ऊपर उनका हेलीकॉप्टर उड़ रहा था. तभी घने बादलों में हेलीकॉप्टर उलझ गया और अपना रास्ता भूल गया. क्योंकि बादलों की वजह से दृश्यता काफी खराब थी. हालांकि, पायलट ने कुशलता से बादलों के बीच से रास्ता खोजा और सेफ लैंडिंग करवाई.
इस दौरान अजित पवार बेहद चिंतित दिख रहे थे और लगातार खिड़की से बाहर देख रहे थे. हालांकि, देवेंद्र फडणवीस उस दौरान शांत थे. क्योंकि वे पहले छह बार ऐसे हादसों में बाल-बाल बच चुके थे. उन्होंने पवार को हिम्मत दी थी. पवार ने बाद में कार्यक्रम में अपना अनुभव शेयर किया था, ‘उदय सामंत ने मुझसे बाहर लैंडिंग साइट की ओर देखने को कहा था. जब मैंने खिड़की से उसे देख लिया, तब जाकर मुझे राहत मिली.’
उस हादसे के 18 महीने बाद, अजित पवार की बारामती में एक विमान हादसे में मौत हो गई. लैंडिंग के दौरान उनके ‘लियरजेट 45XR’ प्लेन ने नियंत्रण खो दिया और क्रैश हो गया. विमान में अजित पवार के अलावा उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, अटैंडेंट, और दो क्रू मेंबर, एक पायलट-इन-कमांड और एक सेकंड-इन-कमांड सवार थे. इन सबकी हादसे में मौत हो गई. फडणवीस ने विमान हादसे में पवार की मौत को ‘अविश्वसनीय’ बताया और कहा कि उन्होंने एक अच्छा दोस्त खो दिया है. उन्होंने कहा कि पवार की मौत ने एक ऐसा शून्य छोड़ दिया है जिसे कभी नहीं भरा जा सकेगा. उन्होंने आगे कहा कि यह विश्वास करना मुश्किल है कि वे अब नहीं रहे.

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