रांची रेल मंडल का बड़ा सुरक्षा कवच: ट्रेनों की भिड़ंत रोकने वाली जादुई तकनीक का ट्रायल शुरू, जानें क्या है रेलवे का मास्टरप्लान
रांची: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार बड़े कदम उठा रहा है। इसी दिशा में Rail Safety Boost के तहत रांची रेल डिवीजन में स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ स्थापित करने के लिए सर्वेक्षण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। यह पहल रेल नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित बनाने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम करेगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ‘कवच’ एक अत्याधुनिक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की टक्कर को रोकना और मानवीय त्रुटियों से होने वाले हादसों को न्यूनतम करना है। यह सिस्टम लोको पायलट को गति सीमा पार करने या सिग्नल अनदेखा करने की स्थिति में तुरंत चेतावनी देता है। यदि पायलट समय पर प्रतिक्रिया नहीं दे पाता, तो कवच प्रणाली अपने आप ट्रेन की गति नियंत्रित कर उसे रोक सकती है।
Rail Safety Boost के लिहाज से यह तकनीक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कवच प्रणाली सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 प्रमाणित है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च सुरक्षा मानक है। यह सिस्टम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए अनुमोदित है, जिससे तेज गति वाली ट्रेनों में भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
रेलवे की योजना के अनुसार, रांची, आद्रा, खड़गपुर और चक्रधरपुर मंडलों के कई महत्वपूर्ण रूटों पर कवच प्रणाली लागू की जाएगी। इसमें रांची-टोरी, खड़गपुर-आद्रा, आसनसोल-आद्रा-चांडिल, पुरुलिया-कोटशिला-मुरी और कोटशिला-बोकारो स्टील सिटी सेक्शन शामिल हैं। यह नेटवर्क कुल लगभग 1563 किलोमीटर में फैला हुआ है।
रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और Rail Safety Boost के तहत कवच जैसी आधुनिक प्रणालियां देशभर में तेजी से लागू की जा रही हैं।

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