मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: जशपुर की 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रू. मंजूर, क्षेत्रवासियों ने जताया आभार
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के लिए जिले की चार प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए कुल 12 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से ग्रामीण-शहरी संपर्क मजबूत होगा, आवागमन आसान बनेगा और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। जशपुरवासियों ने मुख्यमंत्री के इस जनहितकारी फैसले पर उत्साह व्यक्त करते हुए साय के प्रति गहरा आभार जताया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में 3 किमी लंबी कंडोरा से आराकोना पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 86 लाख रुपये, 3 किमी लंबी माडो से ढेंगनी पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये, 1.9 किमी लंबी चराईडांड के मलेरिया बस्ती से एनएच-43 तक पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपये तथा 2.86 किमी लंबी बेहराखार अटल चौक से कुरूमढ़ोड़ा तक पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 76 लाख रुपये शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में यातायात सुगम होगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: जशपुर की 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रू. मंजूर, क्षेत्रवासियों ने जताया आभार
दो वर्षों में 1000 करोड़ से अधिक की सड़क सौगात, ग्रामीण तस्वीर बदली
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में जशपुर जिले को सड़क निर्माण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है, बल्कि ग्रामीण अंचलों की समग्र विकास की गति तेज हो गई है। राज्य शासन की इस विकासोन्मुखी नीति से जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जो छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस सौगात पर जशपुर के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। लोगों का मानना है कि इन सड़कों से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्र की पर्यटन क्षमता भी मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य के हर कोने तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही है। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बुनियादी विकास के नए मानक गढ़ रहा है, जिससे लाखों नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।

'आदिपुरुष' विवाद पर पहली बार खुलकर बोले मनोज मुंतशिर, कहा- सबसे बड़ी गलती थी
नाबार्ड सर्वे का खुलासा: गांवों में कमाई ठहरी, बढ़ते खर्च ने बिगाड़ा बजट
'दिल टूट गया है'— छात्रों पर कार्रवाई को लेकर भावुक हुए शेखर सुमन, सरकार से पूछे सवाल
88 करोड़ की ठगी मामले में बड़ा ब्रेकथ्रू, अविनाश राठौड़ का प्रत्यर्पण कर लाई पुणे पुलिस
अमेरिकी सीनेट में H-1B को लेकर नया बिल, क्या भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स की बढ़ेंगी मुश्किलें?