राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों को संबोधित कर कहा- वहनीयता महज नारा नहीं बल्कि अब एक अनिवार्यता बनी
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वहनीयता अब सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। राष्ट्रपति मुर्मू राजधानी दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के 12वें राष्ट्रीय छात्र दीक्षांत समारोह 2025 को संबोधित कर रही थीं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे को रेखांकित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हर क्षेत्र, विशेष रूप से कॉर्पोरेट सेक्टर, को पर्यावरणीय जिम्मेदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लाभ कमाना अब कंपनियों का एकमात्र उद्देश्य नहीं हो सकता, उन्हें पर्यावरणीय लागत और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी अपने कार्यों का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम में मौजूद कॉस्ट और मैनेजमेंट अकाउंटिंग (सीएमए) के छात्रों और पेशेवरों को संबोधित करते हुए कहा, आप सभी लागत लेखाकार अपने कौशल, दृष्टिकोण और डेटा आधारित विश्लेषण से ग्रह के भविष्य को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लेखांकन और जवाबदेही के बीच गहरा संबंध होता है, और यह जिम्मेदारी सिर्फ वित्तीय पारदर्शिता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसमें पर्यावरणीय और सामाजिक उत्तरदायित्व भी शामिल होने चाहिए।
कॉर्पोरेट मामलों की सचिव का आह्वान
इस अवसर पर कॉर्पोरेट मामलों की सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तकनीक, नवाचार और तत्परता को अपनाने का आह्वान किया।

वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भी टस से मस नहीं हुई भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार
भारतीय क्रिकेट का नया सितारा वैभव सूर्यवंशी, जानिए युवा खिलाड़ियों की रैंकिंग
दिल्ली के नरेला में भीषण अग्निकांड: प्लास्टिक फैक्टरी में लगी आग, धू-धू कर जली इमारत, इलाके में छाया काले धुएं का गुबार
राजधानी में रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया: कमरे में फंदे से लटका मिला शख्स, बेड पर पड़ी थी मासूम बेटे की लाश
रेलवे का मेगा प्लान: दिल्ली से सिलीगुड़ी तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान