सीहोर में बांग्लादेशी रोहिंग्या गिरफ्तार, कुक बनकर कर रहा था खाना सप्लाई
सीहोर: मध्य प्रदेश के सीहोर में पिछले कई सालों से रह रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है. उसके बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिया होने की आशंका जताई जा रही है. यह व्यक्ति एक रेस्टोरेंट में खाना बनाने का काम करता है. पुलिस को यह जानकारी विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से मिली, जिसके आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने उसे उसके घर से हिरासत में ले लिया.
उसकी गतिविधियों से स्थानीय लोगों को हुई शंका
ग्राम पंचायत अल्हादाखेड़ी के सरपंच और सचिव ने भी इस संदिग्ध व्यक्ति को लेकर पुलिस को शिकायती पत्र दिया है. बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ग्राम सारंगाखेड़ी के लोटिया फार्म क्षेत्र में रह रहा था और उसकी गतिविधियां ग्रामीणों को काफी समय से संदेहास्पद लग रही थीं. पंचायत से जब उसका बायोडाटा निकाला गया तो पता चला कि वह करीब 5 साल पहले यहां आया था.
जाली दस्तावेजों के जरिए बनाए आधार और वोटर कार्ड
संदिग्ध व्यक्ति ने 2020 में सीहोर में ही आधार कार्ड, वोटर कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनवा लिए थे. सरपंच के अनुसार, पूर्व सरपंच ने अपने लेटर पैड पर निवास प्रमाण पत्र जारी किया था, जिसके आधार पर पते का संशोधन करवा कर उसने आधार और समग्र आईडी के लिए आवेदन किया. पुलिस पूछताछ में संदिग्ध ने अपना नाम मोहम्मद इरशाद पिता मोहम्मद सिराज बताया है. हालांकि उसके आधार कार्ड में दिए गए नाम से इसमें भिन्नता पाई गई है, जिससे उसकी पहचान को लेकर और भी संदेह गहरा गया है.
पुलिस कर रही है दस्तावेजों की गहन जांच
सीएसपी निरंजन राजपूत ने बताया कि "कोतवाली थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. उसके कमरे से सीहोर का आधार कार्ड और समग्र आईडी भी मिली है. उसके दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है. यदि यह व्यक्ति वाकई बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिया पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी."

त्रिपुरा पहुंचेंगे अमित शाह, सीमा सुरक्षा व्यवस्था की करेंगे उच्चस्तरीय समीक्षा
अन्नामलाई के बाद BJP के लिए चेतावनी, अमरिंदर सिंह भी हो सकते हैं बाहर
सरकार का राहत पैकेज घोषित, मृतकों को 10 लाख और घायलों को 5 लाख मिलेंगे
दिन में छाया अंधेरा, दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश और हवाओं ने बढ़ाई ठंडक
सैकड़ों विदेशी डॉक्टर छोड़ सकते हैं अमेरिका, बढ़ी चिंता