मुजफ्फरपुर में पीड़ित ने रेलवे के खिलाफ किया 50 लाख रुपये के मुआवजे का दावा, महाकुंभ में नहीं जा पाए
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रेलवे की लापवाही एक मामला सामने आया है. रेवले की लापवाही के चलते एक व्यक्ति अपने सास-ससुर के साथ महाकुंभ में स्नान करने के लिए नहीं जा पाया था. दरअसल, मुजफ्फरपुर के गायघाट सुबास केशो निवासी राजन झा अपने सास-ससुर के साथ 27 जनवरी को मुजफ्फरपुर से प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए जाने वाले थे.
उन्होंने महाकुंभ में जाने के ट्रेन की टिकट बुक कराई थी. वो अपने सास-ससुर के साथ ट्रेन पकड़ने स्टेशन गए, लेकिन ट्रेन में चढ़ नहीं पाए. क्योंकि ट्रेन की बोगी का गेट अंदर से बंद थी. उन्होंने इसकी शिकायत रेलवे प्रशासन से की, लेकिन शिकायक के बाद भी रेल प्रशासन ने ट्रेन की बोगी नहीं खुलवाई. इसकी वजह से वो लोग महाकुंभ स्नान के लिए नहीं जा पाए थे.
मुजफ्फरपुर के उपभोक्ता आयोग ने जारी किया नोटिस
इसके बाद पीड़ित ने मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा के जरिये मुजफ्फरपुर के उपभोक्ता आयोग में रेलवे के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया और 50 लाख रुपयों मुआवजे का दावा किया. अब इसी मामले पर मुजफ्फरपुर के उपभोक्ता आयोग की ओर से रेलवे के स्टेशन अधीक्षक, स्टेशन मास्टर, डीआरएम सोनपुर रेल मंडल, जीएम ईस्ट सेंट्रल रेलवे, भारतीय रेल के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है.
9 जुलाई को होगी मामले की अगली सुनवाई
वहीं अधिवक्ता ने बताया कि अब इस मामले में अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी. आयोग ने इस सुनवाई में सभी पक्षकारों को मौजूद रहने का आदेश दिया है. मुजफ्फरपुर से प्रयागराज तक यात्रियों को समय पर पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की थी, लेकिन रेवले ऐसा करने में नाकाम रहा. ये महाकुंभ 144 सालों के बाद लगा था. राजन झा और उनके स्वजनों को मौनी अमावस्या का अमृत स्नान करना था, लेकिन रेलवे की लापरवाही से वो लोग नहीं जा पाए थे.

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