ब्रेनडेथ मरीज को मिली ज़िन्दगी, विशेष विमान से ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम द्वारा इंदौर पहुंची किडनी
इंदौर: शुक्रवार को इंदौर में 63वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस बार ग्रीन कॉरिडोर जबलपुर से इंदौर तक बनाया गया। जबलपुर में सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड हुए 51 वर्षीय व्यक्ति ने कई लोगों को जीवन दिया है। दो किडनी के अलावा मृतक व्यक्ति की आंखें और त्वचा भी परिजनों ने दान की। किडनी पीएम श्री वायु सेवा के विशेष विमान से जबलपुर से इंदौर आई। एयरपोर्ट और बॉम्बे हॉस्पिटल के बीच ट्रैफिक रोककर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर किडनी लाई गई और फिर उसका ट्रांसप्लांट शुरू हुआ। दूसरी किडनी जबलपुर के मेट्रो हॉस्पिटल में इलाज करा रही महिला को ट्रांसप्लांट की जा रही है। पूरन लाल चौधरी को सड़क दुर्घटना के बाद जबलपुर के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। परिजनों ने कहा कि वे श्री चौधरी के अंग दान करना चाहते हैं। इसके बाद उनकी दोनों किडनी, आंखें और त्वचा दान करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
एयरपोर्ट से अस्पताल तक 18 मिनट में आई किडनी
इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीज को किडनी ट्रांसप्लांट की जानी थी। अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित जोशी और डॉ. राजेंद्र सिंह की टीम जबलपुर पहुंची। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा के विशेष विमान से सुबह 11.38 बजे किडनी इंदौर आई। एयरपोर्ट से अस्पताल के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ट्रैफिक रोककर 18 मिनट में किडनी अस्पताल पहुंचाई गई। मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतू बागानी और संदीपन आर्यर ने बताया कि इंदौर में सबसे ज्यादा अंगदान हो रहे हैं। इस बार 63वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।a

विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएम रेखा की दिल्लीवालों से खास अपील: 'मेगा प्लांटेशन अभियान' का हुआ शंखनाद
Mhow में नर्मदा जल आपूर्ति पाइपलाइन फटने से अफरा-तफरी
प्लेइंग-11 में जगह की जंग, पंत और जुरेल में किस पर भरोसा करेगी टीम इंडिया?
बंगाल जा रही थी 1.5 करोड़ की ड्रग्स की खेप, उज्जैन में पकड़ी गई
'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ तत्काल सुनवाई की याचिका खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी राहत