कम हो सकते हैं पेट्रोल के दाम, प्रदेश की मोहन सरकार ले सकती है बड़ा फैसला
भोपाल: हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य बजट 2025-26 में पेट्रोल की कीमत में 1 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है। यह कदम राज्य के लोगों को ईंधन की बढ़ती कीमतों से राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस घोषणा के बाद राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत 100.45 रुपये प्रति लीटर से घटकर 99.45 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल की कीमतों में इस कमी के बाद अब पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की राहत की उम्मीद है। बता दें कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल की औसत कीमत 107.33 रुपये प्रति लीटर है, जो छत्तीसगढ़ से काफी ज्यादा है। राज्य की राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत 106.52 रुपये प्रति लीटर है।
वैट समेत अन्य करों में कटौती के चांस
पेट्रोल की कीमत कम करने के लिए राज्य सरकारें वैट (मूल्य वर्धित कर) और अन्य करों में कटौती कर सकती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने बजट में ऐसा ही कदम उठाया है, जिसका फायदा राज्य के लोगों को मिला है। मध्य प्रदेश में भी पेट्रोल की कीमत कम करने के लिए राज्य सरकार अपने बजट 2025-26 में वैट में कटौती करने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतो में गिरावट
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी पेट्रोल की कीमतों में कमी का एक बड़ा कारण हो सकता है। हाल ही में कच्चे तेल की कीमतें तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। अगर ऐसा होता है तो मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों को भी ईंधन की कीमतों में राहत मिल सकती है।
महंगाई भी हो सकती है कम
पेट्रोल की कीमतों में कमी से आम जनता को बड़ी आर्थिक राहत मिलती है, क्योंकि पेट्रोल की कीमतों में कमी आने से परिवहन लागत कम होगी तो वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी कमी आएगी। इससे एमपी में महंगाई को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आती है। इसलिए अब मध्य प्रदेश की जनता भी उम्मीद कर रही है कि छत्तीसगढ़ की तरह राज्य सरकार भी पेट्रोल की कीमतों को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
करनी होगी समीक्षा
पेट्रोल की कीमत कम करने के लिए राज्य सरकार को अपने कर ढांचे की समीक्षा करनी होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने होंगे। मध्य प्रदेश में पेट्रोल की ऊंची कीमतों को देखते हुए यह जरूरी है कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे और जनता को राहत देने के लिए जरूरी लेकिन ठोस कदम उठाए।

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