नोएडा में नो-हॉर्न जोन पर ट्रैफिक पुलिस की सख्त निगरानी, जानिए क्या है नया नियम
नोएडा शहर में जिधर देखो हर तरफ वाहनों के शोर है। कई जगहों पर तो वाहन चालकों की तरफ से बिना वजह बजाए हॉर्न के कारण आसपास के लोगों को ध्वनि प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। इस पर लगाम लगाने की कवायद गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने शुरु कर दी है। नोएडा ट्रैफिक पुलिस पूरे शहर में सर्वे कराकर नो हॉर्न जोन चिन्हित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में अध्ययन कर संवेदनशील स्थानों की पहचान की जा रही है। खासतौर पर शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों के पास हॉर्न बजाना पूरी तरह वर्जित होगा। इन स्थानों पर चेतावनी के बोर्ड भी लगाए जायेंगे जिससे वाहन चालकों को यह पता चल जायेगा कि यहां हॉर्न बजाना दंडनीय अपराध है। इसके बाद भी अगर कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर लोग उन जगहों पर भी हॉर्न बजाने में परहेज नही करते जहाँ इनकी आवश्यकता नही होती है। कई बार तो लोग बिना मतलब के लाल बत्ती यानि रेड लाइट पर भी अनावश्यक रूप से हॉर्न बजाते हुए दिख जायेंगे। जिसकी वजह से ध्वनि प्रदूषण बढ़ जाती है। इसको कम करने के लिए अब नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने कमर कस ली है। अब ऐसे वाहन चालकों पर ट्रैफिक पुलिस सख्ती से कार्रवाई करने को लेकर आगे अग्रसर हो गई है। इस पूरे अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की सात टीमें लगातार गौतमबुद्ध नगर में सर्वेक्षण कर रही है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अक्सर वाहन खराब होने के कारण लंबा जाम लग जाता है। अब से खराब होने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई होगी। यदि वाहन मालिक की लापरवाही से सड़क पर जाम लगता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। डीसीपी ट्रैफिक लखन सिंह यादव ने बताया कि कई कॉमर्शियल वाहन ओवरलोडिंग के कारण रास्ते में ही खराब हो जाते है जिससे यातायात प्रभावित हो जाता है।

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